Thursday, October 27, 2016

The Inspiring Story of Marvan Attapattu

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                  The Inspiring Story of Marvan Attapattu


आज मैं एक ऐसे व्यक्ति की कहानी आप के साथ शेयर करने जा रही हूँ जिसने अपने जीवन में कभी हार नहीं मानी। यह कहानी एक ऐसे खिलाडी की जिसने अपने खेल में  उतार चढ़ाव होने के बावजूद कभी हार नहीं मानी। इस खिलाड़ी का नाम है Marvan Samson Atapattu.  हम सभी ने कभी ना कभी इनके बारे में सुना या फिर कही पढ़ा होगा।
Marvan Samson Atapattu. श्रीलंका के एक  पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी थे। Marvan Samson Atapattu का जन्म 22  नवंबर 1970 को kalutara (Sri Lanka ) में हुआ था। 
Marvan Samson Atapattu के दिमाग में बस एक ही चीज चलती थी….
क्रिकेट.क्रिकेट और बस क्रिकेट…
अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उन्हें श्रीलंका की टेस्ट टीम में डेब्यू करने का मौका मिला।  अपने डेब्यू मैच की दोनों पारी में वो शून्य पे आउट हो गए।
पहली इन्निंग्स…… जीरो पे आउट।
दूसरी इन्निंग्स……. जीरो पे आउट।

Marvan Samson Atapattu को उनके इस ख़राब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
इसके बाद Marvan Samson Atapattu ने कड़ी मेहनत की और काफी अभ्यास किया। Marvan  Atapatt
फर्स्ट क्लास मैचेज में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और एक 21 महीने बाद फिर से उन्हें श्री लंका की और से खेलने का मौका मिला। Atapattu इस मौके को फिर से नहीं भुना पाए।  Atapattu इस मैच की दोनों पारी को मिलाकर सिर्फ एक रन ही बना पाए।
पहली पारी - जीरो पे आउट
दूसरी पारी - 1 रन पे आउट

Atapattu को उनके इस ख़राब प्रदर्शन के कारण उन्हें टीम से  फिर बाहर कर दिया गया। इसी दौरान अटापट्टू लगातार फर्स्ट क्लास मैचेस खेलते रहे और उन्हों ने फर्स्ट क्लास मैचेस में हजारों रन बना डाले और 17 महीने बाद एक बार फिर से श्री लंका के लिए उनका टेस्ट टीम में सेलेक्शन हो गया। अटापट्टू इस बार भी कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए और एक बार फिर से मैच की दोनों पारी में शून्य पे आउट हो गए।
पहली पारी - जीरो पे आउट
दूसरी पारी -  जीरो पे आउट

अटापट्टू को उनके इस ख़राब प्रदर्शन के कारण फिर टीम से बाहर निकाल दिया गया।


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प्रैक्टिस…
प्रैक्टिस….प्रैक्टिस….प्रैक्टिस…
प्रैक्टिस….प्रैक्टिस…
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और तीन साल बाद एक बार फिर अटापट्टू  को मौका दिया गया। इस बार अटापट्टू ने मुड़कर कर नहीं देखा और अपने खेल से लोगो का दिल जीत लिया। अटापट्टू को टेस्ट क्रिकेट में अपना दूसरा रन बनाने के लिया 6 साल लगा दिए। लेकिन अटापट्टू ने कभी हार नहीं मानी।
श्रीलंका की और से 16 शतक और 6 दोहरे शतक जड़ डाले और श्रीलंका का one of the most successful कप्तान बना! वह कहते हैं न "कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती और लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती। "
सोचिये जिस इंसान को अपना दूसरा रन बनाने में 6 साल लग गए अगर वो इतना बड़ा कारनामा कर सकता है तो दुनिया का कोई भी आदमी कुछ भी कर सकता है!

और कुछ कर गुजरने के लिए डंटे रहना पड़ता है…
लगे रहना पड़ता है…
मैदान छोड़ देना आसान होता है…
मुश्किल होता है टिके रहना…
और जो टिका रहता है वो आज नहीं तो कल ज़रूर सफल होता है।
इसलिए आपने जो कुछ भी पाने का निश्चय किया है उसे पाने
की अपनी जिद मत छोडिये…
मन से किये छोटे प्रयास हमेशा बड़ा परिणाम देते है।।
" किसी अज्ञात की लिखित सामग्री "

जीवन संघर्श भरा है हमे कभी हार नहीं माननी चाहिए। क्योंकि कोशिश करने वालो  की हार नहीं होती। आपको ये the inspiring story of marvan attapattu कहानी कैसी लगी इस पर आप अपना feedback commnt के द्वारा दे सकते है। आप मेरा लिंक भी save कर सकते हैं। www.achhesandesh.in

TAGS-the inspiring story of marvan attapattu , motivational story  
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1 comment:

  1. बहुत ही स्तरीय लेख है।

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