Tuesday, October 11, 2016

बुराई पर अच्छाई की जीत (Happy Dussehra)

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                             बुराई  पर अच्छाई की जीत

                                                     Happy Dussehra

जैसा कि  हम सब को पता है की आज दशहरा है आज के दिन हे श्री राम ने रावण का वध किया था। और बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी। श्री राम एक मर्यादापुरुषोत्तम व्यक्ति थी। श्री राम ने अपनी माता के वचनों के पूर्ति हेतु तथा रघुकुल की  रीति हेतु "प्राण जाए पर वचन न जाए'' के पालन हेतु वन जाने का निश्चय किया।  इस वनवास में उनके साथ उनकी पत्नी सीता जी और उनके अनुज श्री लष्मण  जी भी उनके साथ १४ वर्षो के लिए  वन गए। सर्वप्रथम श्री राम जी ने चित्रकूट में निवास किया किन्तु भरत मिलाव के पश्चात् उन्हों ने वहा से चले जाने का निश्चय किया ताकि कोई उनके वचन पूर्ति में बाधा न डाल सके। ,इसके पश्चात उन्हों ने कई जगह निवास किया और ऋषि मुनियों की रक्षा हेतु कई राछसों का सहांर किया। इस तरह उनके वनवास के दिन बीतते गए। और अंतिम वर्षो में श्री राम जी ने  पंचवटी में निवास किया। यही पर सुर्णपरंखा के दुर्व्यवहार के कारण लष्मण जी ने क्रोध में आकर उनकी नाक काट दी। सुर्णपरंखा इसके पश्चात् रावण के पास गयी और सारा वृतांत बताया और रावण ने अपनी बहन का बदला लेने हेतु सीता जी का हरण कर लिया। सीता जी के हरण के पश्चात् श्री राम की भेंट हनुमान जी और बाली से होती है। सीता जी की खोज में हनुमान जी लंका जाते हैं और वहाँ पर उनकी भेंट सीता जी से होती है। हनुमान जी श्री राम की शक्ति का एहसास दिलाने के लिए लंका दहन कर देते हैं। इसके पश्चात् हनुमान  जी श्री राम को सीता जी की ख़बर देते हैं जिसके पश्चात् श्री राम जी वानर सेना की मदद से सीता जी को छुड़ाने हेतु रावण से युद्ध करते हैं।  इस युद्ध में मेघनाथ कुंभकरण जैसे कई महारथियों के मृत्यु हो जाती हैं।  अंत में श्री राम जी रावण का संहार कर देते हैं और सीता जी को रावण के कैद से मुक्त करा लेते हैं। और इस प्रकार बुराई पर अच्छाई की जीत होती हैं।  
          बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में हम सब दशहरा का त्यौहार बनाते हैं। और इस दिन रावण              कुंभकरण और मेघनाथ का पुतला जलाते हैं।  दोस्तों बुराई के बादल चाहे जितने ही काले और घने क्यों           न हो सूरज की एक किरण उजाला कर हे देती हैं। हमें सबसे पहले अपने अंदर के बुराई का अंत करना             चाहिए। क्योंकि बुराई कितनी ही ताकतवर क्यों न हो , अच्छाई के सामने टिक नहीं पाती। और बुरे                 काम का नतीजा हमेशा बुरा ही  होता है।
         
          उम्मीद करती हूँ की आप सबको को मेरी यह पोस्ट पसंद आयी होगी। ऐसी और भी पोस्ट के लिए  आप           मेरा लिंक भी save कर सकते हैं. www.achhesandesh.in 
          आप सभी को दशहरा के हार्दिक बधाई।
           Happy Dussehra...
 
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