Wednesday, August 24, 2016

Soch Ka Fark Hindi Motivational Story(Morale Story)

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सोच का फ़र्क  Hindi Motivational Story (Morale Story) 

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 एक बार एक आदमी ने एक घोड़ा ख़रीदा , और एक बड़ी सी तख़्ती लगाकर उस घोड़े को घुड़शाला में खड़ा कर दिया। आदमी ने उस तख्ती पर लिखवाया था, "दुनिया का सबसे तेज दौड़ने वाला घोड़ा। " घोड़े के मालिक ने ना तो उस घोड़े को अभ्यास कराया और ना ही उस घोड़े की देखभाल की। घोड़े के मालिक ने, उस घोड़े को एक रेस में दौड़ाया। उस रेस में घोड़ा आखिरी स्थान पर रहा।

घोड़े के मालिक ने उस तख्ती को बदलकर एक नयी तख्ती लगाई जिस पर लिखा था, "घोड़े के लिया सबसे तेज दुनिया। " लोग अपने किसी काम को ना करने की चाह और अपने आलस की वजह से नाकामयाब होते है , और फिर सारा दोष किस्मत को देते हैं।
"यदि कोई भी काम मन से ना किया जाये तो सिर्फ  नाकामयाबी ही हासिल होती हैं।"

इस Hindi Motivational Story से हमें यह सीख मिलती है, की फर्क हमेशा इंसान की सोच में होता हैं।
हारने वाला हमेशा सोचता हैं की ज़िन्दगी ने उसके साथ नाइंसाफी की है। वह हमेशा अपनी रुकावट के बारे में सोचता है। वह यह नहीं सोचता  की जो इंसान पूरी तैयारी के साथ खेल रहा है, उसे भी उन रुकावट का सामना करना पड़ा होगा, पर  उसने उन पर विजय पायी। सफल और असफल व्यक्ति में यही फर्क होता है। सफल व्यक्ति अपनी रुकावटो को एक अवसर बना लेते हैं , और असफल व्यक्ति रुकावटो को हारने की एक वजह।
Tags-Moral Story,Hindi Motivational Story,Inspirational Story.
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